अबनाः पहली वर्ल्ड वॉर को सौ साल पूरे होने के अवसर पर जर्मनी और फ़्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांस के विएली आरमान्ड क़ब्रस्तान में मुलाक़ात कर रहे हैं।
फ़्रांस और जर्मनी के राष्ट्रपति पहले वर्ल्ड वॉर के सौ वर्षीय समारोह में हिस्सा ले रहे हैं।
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति फ़्रांसवा ओलांद और उनके जर्मन समकक्ष जोवाशिम गूक पहले वर्ल्ड वॉर में मारे गए सैनिकों को जर्मनी की सीमा से मिले फ़्रांस के आलसासे इलाक़े में श्रद्धांजलि देंगे।
ग़ौरतलब है 100 साल पहले आज ही के दिन तीन अगस्त वर्ष 1914 को जर्मनी ने फ़्रांस के ख़िलाफ़ जंग का ऐलान किया था।
दोनों देशों के राष्ट्रपति विएली आरमान्ड क़ब्रस्तान में एक स्मारक की आधारशिला भी रखेंगे।
बेल्जियम में सोमवार को ब्रिटेन की जर्मनी के ख़िलाफ़ जंग की घोषणा के संबंध में एक अलग समारोह का आयोजन होगा जिसमें ब्रितानी प्रधान मंत्री डेविड कैमरन भाग ले रहे हैं।
विएली आरमान्ड पहाड़ के आस-पास दसियों हज़ार लोग मारे गए थे जो जर्मनी में हार्टमान्सवीलर कोफ़ के नाम से जाना जाता है। इस क़ब्रस्तान में 12 हज़ार ऐसे सैनिकों की क़ब्रें हैं जिनकी पहचान नहीं हो सकी। पहले वर्ल्ड वॉर ने पूरे योरोप का नक़्शा बदल दिया था।
3 अगस्त 2014 - 17:20
समाचार कोड: 628698
पहली वर्ल्ड वॉर को सौ साल पूरे होने के अवसर पर जर्मनी और फ़्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांस के विएली आरमान्ड क़ब्रस्तान में मुलाक़ात कर रहे हैं।